Tuesday, November 26, 2013

मै एक खिलौना बन के रह गया हु





मै एक खिलौना बन के रह गया हु 


जो चाहता है खेल के चल देता है 


पर ख़ुशी इस बात की है कि 


खिलौना बन के ही सही 


कुछ पल के लिए उनको खुशिया तो दे सका 


ख़ुशी इस बात की है कि  
जब वो दु:खी होती हे तो मेरे साथ ही समय बिताती है 
चलो कुछ ना सही उनके गम को बाटने का तो काम करता हु 
मै एक खिलौना बन के रह गया हु 
जो चाहता है खेल के चल देता है 
पर ख़ुशी इस बात की है कि 
मै खुश हु उनके साथ जिससे वो खुश है 

हम उतरे भी नहीं अब तक

                      


                           हम उतरे भी नहीं अब तक प्यार के मैदान में
                           तो तुम्हारा ये हाल हैं 
                           जब हम उतरेंगे प्यार के मैदाने जंग में
                           तो सोचो नजारा क्या होगा 


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Friday, November 8, 2013

क्या तुम जानते हो

*.नील आर्मस्ट्राँग ने सबसे पहले
अपना बाँया पैर चँद्रमा पर रखा था और
उस समय उनके दिल की धड़कन 156
बार प्रति मिनट थी.
*.धरती के गुरूत्वाकर्षण के कारण
पर्वतों का 15,000 मीटर से
ऊँचा होना संभव नही है.
*.रोम दुनिया का वो शहर है
जिसकी आबादी ने सबसे पहले 10 लाख
का आकड़ा पार किया था.
* .1992 के क्रिकेट विश्वकप में इंग्लैंड
को हराते हुए जिम्बाब्वे ने बड़ा उल्टफेर
कर दिया था.
पहले बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे ने
सिर्फ 134 रन बनाए और इंग्लैंड
का काम आसान कर दिया लेकिन हुआ
ऐसा नही, इंग्लैंड की टीम 125 रन पर
ही ढेर हो गई ।
* .सिगरेट लाइटर की खोज माचिस से
पहले हुई थी.
* .औसतन हर दिन 12 नव-जन्में बच्चे
किसी ओर मां-बाप को दें दिए जाते हैं.
* .आईसलैंड में पालतू
कुत्ता रखना क़ानून के विरूद्ध है.
* .Righted-handedलोग औसतन
left-handed लोगों से 9 साल
ज्यादा जीते हैं.
* .एक औसतन लैड की पेंसिल से अगर
एक लाइन खींची जाए तो वह 35
किलोमीटर लंम्बी होगी जिससे 50,000
अंग्रेजी शब्द लिखें जा सकते है.
* .एक समुद्री केकडे का दिल उसके सिर
में होता है.
*.गोरिल्ला एक दिन मे ज्यादा से
ज्यादा 14 घंटे सोते है.
* .हर साल लोग साँपों के ज्यादा मधु
मक्खियों द्वारा काटे जाने से मारे जाते
है.
* .तितलियाँ किसी वस्तु का स्वाद अपने
पैरों से चखती है.

Saturday, October 26, 2013

शायरी



जिनकी खातिर जीने के सारे वसूल ही बदल दिए !
वो आज हमें जीने का तरीका सिखा रहे है !
कसमे तो खायी थी साथ चलने को !
पर न जाने क्यों अनजान राहों पे छोड़ के चल दिए !!

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Friday, October 25, 2013

शायरी





हे आशकी के परिंदों, जरा समल के दिल लगाना !


यहा चेहरे लगा कर चलने वाले बहुत है !!




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Thursday, October 24, 2013

देशभक्ति शायरी




चल पड़े है इन जुलुस में एक नया कारवा ले के ...

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Wednesday, October 23, 2013

सायरी




हर रोज बैठा रहा उसी घाट पे तेरे इंतजार में !


और तुम कहती हो कि तुम मुझे याद करना भूल गये !!










ओ मेरे कुछ कहने पे महफिल से रूठ के चल दिए !
दिल तो किया उनकी बाहों को पकड़ के रोक ले, 
पर क्या करे मजबूर थे,
उस महफिल में जो ये गवारा न था !!



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शायरी





बस चाहत यही है की हम जी ले जी भर के 

पर कम्बख्त साथ चलने वाला जो कोई न था !!!!

शायरी





अगर मै जानता वो वेवफा निकलेगी !

तो मै इस कदर उसके लिए दीवाना न हुआ होता !!





बस चाहत यही है की हम जी ले जी भर के 

पर कम्बख्त साथ चलने वाला जो कोई न था !!!!


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सांख्ययोग


वेदाविनाशिनं नित्यं य एनमजमव्ययम्‌ ।

कथं स पुरुषः पार्थ कं घातयति हन्ति कम्‌ ॥

भावार्थ :   हे पृथापुत्र अर्जुन! जो पुरुष इस आत्मा को नाशरहित, नित्य, अजन्मा और अव्यय जानता है, वह पुरुष कैसे किसको मरवाता है और कैसे किसको मारता है?॥21॥

वासांसि जीर्णानि यथा विहाय
नवानि गृह्णाति नरोऽपराणि ।
तथा शरीराणि विहाय जीर्णा-
न्यन्यानि संयाति नवानि देही ॥

भावार्थ :   जैसे मनुष्य पुराने वस्त्रों को त्यागकर दूसरे नए वस्त्रों को ग्रहण करता है, वैसे ही जीवात्मा पुराने शरीरों को त्यागकर दूसरे नए शरीरों को प्राप्त होता है॥22॥

नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः ।
न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुतः ॥

भावार्थ :   इस आत्मा को शस्त्र नहीं काट सकते, इसको आग नहीं जला सकती, इसको जल नहीं गला सकता और वायु नहीं सुखा सकता॥23॥

अच्छेद्योऽयमदाह्योऽयमक्लेद्योऽशोष्य एव च ।
नित्यः सर्वगतः स्थाणुरचलोऽयं सनातनः ॥

भावार्थ :   क्योंकि यह आत्मा अच्छेद्य है, यह आत्मा अदाह्य, अक्लेद्य और निःसंदेह अशोष्य है तथा यह आत्मा नित्य, सर्वव्यापी, अचल, स्थिर रहने वाला और सनातन है॥24॥

अव्यक्तोऽयमचिन्त्योऽयमविकार्योऽयमुच्यते ।
तस्मादेवं विदित्वैनं नानुशोचितुमर्हसि॥॥

भावार्थ :   यह आत्मा अव्यक्त है, यह आत्मा अचिन्त्य है और यह आत्मा विकाररहित कहा जाता है। इससे हे अर्जुन! इस आत्मा को उपर्युक्त प्रकार से जानकर तू शोक करने के योग्य नहीं है अर्थात्‌ तुझे शोक करना उचित नहीं है॥25॥

अथ चैनं नित्यजातं नित्यं वा मन्यसे मृतम्‌ ।
तथापि त्वं महाबाहो नैवं शोचितुमर्हसि ॥

भावार्थ :   किन्तु यदि तू इस आत्मा को सदा जन्मने वाला तथा सदा मरने वाला मानता हो, तो भी हे महाबाहो! तू इस प्रकार शोक करने योग्य नहीं है॥26॥

जातस्त हि ध्रुवो मृत्युर्ध्रुवं जन्म मृतस्य च ।
तस्मादपरिहार्येऽर्थे न त्वं शोचितुमर्हसि ॥

भावार्थ :   क्योंकि इस मान्यता के अनुसार जन्मे हुए की मृत्यु निश्चित है और मरे हुए का जन्म निश्चित है। इससे भी इस बिना उपाय वाले विषय में तू शोक करने योग्य नहीं है॥27॥

अव्यक्तादीनि भूतानि व्यक्तमध्यानि भारत ।
अव्यक्तनिधनान्येव तत्र का परिदेवना ॥

भावार्थ :   हे अर्जुन! सम्पूर्ण प्राणी जन्म से पहले अप्रकट थे और मरने के बाद भी अप्रकट हो जाने वाले हैं, केवल बीच में ही प्रकट हैं, फिर ऐसी स्थिति में क्या शोक करना है?॥28॥

आश्चर्यवत्पश्यति कश्चिदेन-माश्चर्यवद्वदति तथैव चान्यः ।
आश्चर्यवच्चैनमन्यः श्रृणोति श्रुत्वाप्येनं वेद न चैव कश्चित्‌ ॥

भावार्थ :   कोई एक महापुरुष ही इस आत्मा को आश्चर्य की भाँति देखता है और वैसे ही दूसरा कोई महापुरुष ही इसके तत्व का आश्चर्य की भाँति वर्णन करता है तथा दूसरा कोई अधिकारी पुरुष ही इसे आश्चर्य की भाँति सुनता है और कोई-कोई तो सुनकर भी इसको नहीं जानता॥29॥

देही नित्यमवध्योऽयं देहे सर्वस्य भारत ।
तस्मात्सर्वाणि भूतानि न त्वं शोचितुमर्हसि ॥

भावार्थ :   हे अर्जुन! यह आत्मा सबके शरीर में सदा ही अवध्य (जिसका वध नहीं किया जा सके) है। इस कारण सम्पूर्ण प्राणियों के लिए तू शोक करने योग्य नहीं है॥30॥

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Monday, October 21, 2013

यू तो मै सायर ना था पर तुम्हे देख कर सायरी लिखने की आदत पड़ गयी



यू तो मै सायर ना था पर तुम्हे देख कर सायरी लिखने की आदत पड़ गयी !
जब तुमने देखा दिवानगी भरी निगाहों से ,
उस रोज दिल तो चाहा देखता रहू बस तुम्हे ही ,
पर न जाने क्यों एक डर सा लग रहा था ,
और दिल कह रहा था बस एक कदम आगे तो बढ़ जाओ  !!

यू तो मै सायर ना था पर तुम्हे देख कर सायरी लिखने की आदत पड़ गयी !
तेरे लिए दीवाना था मै पहले ही दिन से ,
पर दिल लगी होनी बाकी थी ,
मै जनता हु तुभी मुझे चाहती थी ,
पर ये जमाने से तुम्हे डर था !!

यू तो मै सायर ना था पर तुम्हे देख कर सायरी लिखने की आदत पड़ गयी
अगर तुमको डर था इतना इस जमाने से ,
तो फिर क्यों इतनी दीवानगी भरी निगाहों से देखा ,
मै तो हर रोज जी रहा था मजे से ,
पर अब तेरी याद हर रोज सताने लगी है ,

यू तो मै सायर ना था पर तुम्हे देख कर सायरी लिखने की आदत पड़ गयी

Sunday, October 20, 2013

मेरी कलम

मेरी कलम ( My Pen )


                                       
                                                  मै गौरव पाण्डेय ( गौरव नाथ पाण्डेय ) ! मेरी कलम किसी से bound नहीं है मै केवल एक ही Subject पे नहीं लिखता मेरे सामने जो होता है बस मै  बस लिख देता हु जैसे एक कलाकार किसी को देख कर उसका Photo या जो भी उसके Mind में आया उसको एक Plane Paper पे Draw कर देता है बस उसी तरह मै भी हु ! मेरी कलम न ही किसी के डर से लिखना छोड़ेगी और न ही बिकेगी !

व्यक्तित्व ( Personality ) :-  मुझे हिन्दुत्व में जीना अच्छा लगता है ! हिन्दुत्वादी होने में एक गजब का                                                      एहसास होता है यैसा लगता है कि हा हम कुछ कर रहे है किसी के लिए ! यैसा लगता है कि मानो बस इसी के लिए पैदा हुए थे और ईश्वर ने हमे इसी के लिए भेजा है ! एक अच्छे से जीने का मक्सद मिल जाता है !
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Sunday, October 13, 2013

जुडो और जोड़ो


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येसा तो ना था



बारिश का सीजन आशिकी का सीजन, प्रेमीजन शहर में ठिकाने ढूंढते हैं- बात तो कर ही लें कायदे से। दिल्ली इस हिसाब से बहुत ठिकानाहीन शहर है। मुंबई में समंदर किनारे थोड़ी राहत नसीब हो जाती है, प्रेमीजनों को। दिल्ली में चोरों के सैलाब, डाकुओं के तूफान हैं, बस पानी का समंदर नहीं है। दिल्ली के नौजवान वोटरों का सही-सेट हिसाब लग जाए, तो नेतागण यह भी प्रॉमिस कर देंगे नौजवानों से कि बहुत जल्दी समंदर ले आया जाएगा दिल्ली में। दिल्ली में प्रेम-संवाद बहुतै महंगा है। गरीब तो दूर, मध्यवर्गीय प्रेमी ठीकठाक से रेस्त्रां में तीन घंटे बैठने के बाद जेब में इत्ता बड़ा छेद महसूस करते हैं कि सोचते हैं कि हाय ना मिलते, तो बेहतर था, दिल पे तब जितना बड़ा छेद होता, वह जेब के छेद के मुकाबले बहुतै छोटा होता। दिल्ली में प्रेम धीमे-धीमे आलू, टमाटर जैसा होता जा रहा है, भ्रष्टाचारी ही अफोर्ड कर पाएंगे। प्रेमियों और भ्रष्टजनों में एक और खास समानता दिख रही है- दोनों ही सीसीटीवी कैमरों से खौफ खाते हैं। भ्रष्टों का अलबत्ता सीसीटीवी कैमरे कुछ ना बिगाड़ पाते, प्रेमीजनों का बिगड़ जाता है। मेट्रो में सफर करने वाले कई नौजवानों-युवतियों को जानने-मिलने वालों के इस खामोश सवाल का सामना करना पड़ा है कि हाय वो मेट्रो के सीसीटीवी कैमरे में प्रेमरत तुम ही तो ना थे। प्रेमियों को कई जवाब देने पड़ते हैं।
बारिश में कई प्रेमीजन निराश-परेशान घूम रहे हैं। मैंने सुझाव दिया है कि मेट्रो में अब तुम मुखौटे पहनकर जाया करो, बालक टॉम का पहन ले, बालिका जेरी का पहन ले। सीसीटीवी फुटेज देखकर लोग हैरान होंगे कि हाय बिल्ली चूहे को प्यार कैसे कर रही है। इश्क में सब कुछ संभव है, अपार संभावनाएं हैं इश्क में.
editorial

Friday, October 11, 2013

Bhagavad Gita Chapter



श्री कृष्णा काले रंग के क्यों है ?



श्रीकृष्ण को काले रंग का बताया है
ग्रंथों के अनुसार भगवान श्रीराम नीले रंग के थे वहीं शास्त्रों में श्रीकृष्ण को काले रंग का बताया है। यह सुनकर अक्सर हमारे मन में यह सवाल उठता है कि हमारे भगवानों के रंग-रूप इतने अलग क्यों हैं। भगवान कृष्ण का काला रंग तो फिर भी समझ में आता है लेकिन भगवान राम को नील वर्ण भी कहा जाता है। क्या वाकई भगवान राम नीले रंग के थे, किसी इंसान का नीला रंग कैसे हो सकता है? वहीं काले रंग के कृष्ण इतने आकर्षक कैसे थे? इन भगवानों के रंग-रूप के पीछे क्या रहस्य है। राम के नीले वर्ण और कृष्ण के काले रंग के पीछे एक दार्शनिक रहस्य है। भगवानों का यह रंग उनके व्यक्तित्व को दर्शाते हैं। दरअसल इसके पीछे भाव है कि भगवान का व्यक्तित्व अनंत है। उसकी कोई सीमा नहीं है, वे अनंत है। ये अनंतता का भाव हमें आकाश से मिलता है। आकाश की कोई सीमा नहीं है। वह अंतहीन है। राम और कृष्ण के रंग इसी आकाश की अनंतता के प्रतीक हैं। राम का जन्म दिन में हुआ था। दिन के समय का आकाश का रंग नीला होता है। इसी तरह कृष्ण का जन्म आधी रात के समय हुआ था और रात के समय आकाश का रंग काला प्रतीत होता है। दोनों ही परिस्थितियों में भगवान को हमारे ऋषि-मुनियों और विद्वानों ने आकाश के रंग से प्रतीकात्मक तरीके से दर्शाने के लिए है काले और नीले रंग का बताया है।

अगर आप श्रीमद भागवद गीता Facebook पे पढना चाहते है तो हमारे Page को Join कीजिये Post हिंदी And English में आप पढ़ सकते है Link ----> Srimad Bhagavad Gita

Saturday, October 5, 2013

काश सचमुच हो पाता



मुल्क तेरी बर्बादी के आसार
नज़र आते है ,
चोरों के संग पहरेदार
नज़र आते है

ये अंधेरा कैसे मिटे ,
तू ही बता ऐ आसमाँ ,
रोशनी के दुश्मन चौकीदार
नज़र आते है

हर गली में, हर सड़क पे,
मौन पड़ी है
ज़िंदगी,
हर जगह समसान से हालात
नज़र आते है

सत्ता से समझौता करके
बिक गयी है लेखनी,
ख़बरों को सिर्फ अब
बाज़ार नज़र आते है

सच का साथ देना भी बन
गया है जुर्म अब,
सच्चे ही आज गुनाहगार
नज़र आते है

देश की हिफाज़त सौंपी है
जिनके हाथों मे,
वे ही आज गद्दार
नज़र आते है

खंड खंड मे खंडित
भारत रो रहा है ज़ोरों से ,
हर जाति, हर धर्म के,
ठेकेदार नज़र आते हैँ ।

Tuesday, October 1, 2013

Lal Bahadur Shastri


 लाल बहादुर शास्त्री को सत सत नमन 
वन्देमातरम - वन्देमातरम 

Name - Lal Bahadur Shastri / लाल बहादुर शाश्त्री
Born - 2 October 1904Mughalsarai, Banaras, United Province, British India now Mughalsarai,                                 Chandauli, Uttar Pradesh, India
Died  11 January 1966 (aged 61)Tashkent, Uzbek SSR, Soviet Union
Nationality Indian
Profession  Politician, Activist
Achievement     2nd Prime Minister of India, देश को जय जवान जय किसान Jai Jawaan Jai Kisaan का नारा                          दिया.   Shastri was known for his honesty and humility throughout his life. He was the first                              person to be posthumously awarded the Bharat Ratna, and a memorial “Vijay Ghat” was                              built for him in Delhi.

हम सभी को अपने अपने क्षत्रों में उसी समर्पण , उसी उत्साह, और उसी संकल्प के साथ काम करना होगा जो रणभूमि में एक योद्धा को प्रेरित और उत्साहित करती है. और यह सिर्फ बोलना नहीं है, बल्कि वास्तविकता में कर के दिखाना है. ---- > लाल बहादुर शास्त्री

In English - We all have to work in our respective spheres with the same dedication, the same zeal and the same determination which inspired and motivated the warrior on the battle front. And this has to be shown not by mere words, but by actual deeds.
----->> Lal Bahadur Shastri

Saturday, September 28, 2013

सांख्ययोग

( सांख्ययोग का विषय )

श्री भगवानुवाच

अशोच्यानन्वशोचस्त्वं प्रज्ञावादांश्च भाषसे ।
गतासूनगतासूंश्च नानुशोचन्ति पण्डिताः ॥

भावार्थ :  श्री भगवान बोले, हे अर्जुन! तू न शोक करने योग्य मनुष्यों के लिए शोक करता है और पण्डितों के से वचनों को कहता है, परन्तु जिनके प्राण चले गए हैं, उनके लिए और जिनके प्राण नहीं गए हैं उनके लिए भी पण्डितजन शोक नहीं करते॥11॥

न त्वेवाहं जातु नासं न त्वं नेमे जनाधिपाः ।
न चैव न भविष्यामः सर्वे वयमतः परम्‌ ॥

भावार्थ :   न तो ऐसा ही है कि मैं किसी काल में नहीं था, तू नहीं था अथवा ये राजा लोग नहीं थे और न ऐसा ही है कि इससे आगे हम सब नहीं रहेंगे॥12॥

देहिनोऽस्मिन्यथा देहे कौमारं यौवनं जरा ।
तथा देहान्तरप्राप्तिर्धीरस्तत्र न मुह्यति ॥

भावार्थ :  जैसे जीवात्मा की इस देह में बालकपन, जवानी और वृद्धावस्था होती है, वैसे ही अन्य शरीर की प्राप्ति होती है, उस विषय में धीर पुरुष मोहित नहीं होता।13॥

मात्रास्पर्शास्तु कौन्तेय शीतोष्णसुखदुःखदाः ।
आगमापायिनोऽनित्यास्तांस्तितिक्षस्व भारत ॥

भावार्थ :  हे कुंतीपुत्र! सर्दी-गर्मी और सुख-दुःख को देने वाले इन्द्रिय और विषयों के संयोग तो उत्पत्ति-विनाशशील और अनित्य हैं, इसलिए हे भारत! उनको तू सहन कर॥14॥

यं हि न व्यथयन्त्येते पुरुषं पुरुषर्षभ ।
समदुःखसुखं धीरं सोऽमृतत्वाय कल्पते ॥

भावार्थ :  क्योंकि हे पुरुषश्रेष्ठ! दुःख-सुख को समान समझने वाले जिस धीर पुरुष को ये इन्द्रिय और विषयों के संयोग व्याकुल नहीं करते, वह मोक्ष के योग्य होता है॥15॥

नासतो विद्यते भावो नाभावो विद्यते सतः ।
उभयोरपि दृष्टोऽन्तस्त्वनयोस्तत्वदर्शिभिः ॥

भावार्थ :  असत्‌ वस्तु की तो सत्ता नहीं है और सत्‌ का अभाव नहीं है। इस प्रकार इन दोनों का ही तत्व
तत्वज्ञानी पुरुषों द्वारा देखा गया है॥16॥

अविनाशि तु तद्विद्धि येन सर्वमिदं ततम्‌ ।
विनाशमव्ययस्यास्य न कश्चित्कर्तुमर्हति ॥

भावार्थ :  नाशरहित तो तू उसको जान, जिससे यह सम्पूर्ण जगत्‌- दृश्यवर्ग व्याप्त है। इस अविनाशी का विनाश करने में कोई भी समर्थ नहीं है॥17॥

अन्तवन्त इमे देहा नित्यस्योक्ताः शरीरिणः ।
अनाशिनोऽप्रमेयस्य तस्माद्युध्यस्व भारत ॥

भावार्थ :   इस नाशरहित, अप्रमेय, नित्यस्वरूप जीवात्मा के ये सब शरीर नाशवान कहे गए हैं, इसलिए हे भरतवंशी अर्जुन! तू युद्ध कर॥18॥

य एनं वेत्ति हन्तारं यश्चैनं मन्यते हतम्‌ ।
उभौ तौ न विजानीतो नायं हन्ति न हन्यते ॥

भावार्थ :   जो इस आत्मा को मारने वाला समझता है तथा जो इसको मरा मानता है, वे दोनों ही नहीं जानते क्योंकि यह आत्मा वास्तव में न तो किसी को मारता है और न किसी द्वारा मारा जाता है॥19॥

न जायते म्रियते वा कदाचि-न्नायं भूत्वा भविता वा न भूयः ।
अजो नित्यः शाश्वतोऽयं पुराणो-न हन्यते हन्यमाने शरीरे ॥

भावार्थ :   यह आत्मा किसी काल में भी न तो जन्मता है और न मरता ही है तथा न यह उत्पन्न होकर फिर होने वाला ही है क्योंकि यह अजन्मा, नित्य, सनातन और पुरातन है, शरीर के मारे जाने पर भी यह नहीं मारा जाता॥20॥


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Saturday, September 21, 2013

Computer Optional Questions

1.The first Unix operating system, as it was in development stage, was written in the
A.  C language
B.  B language
C.  assembly language
D.  none of these

2.Which one of the following is not an input device?
A. Keyboard
B. Joystick
C. Printer
D. Optical Character Reader

3.The input device that is most likely to be used to play computer game is the
A.  Joystick
B.  Keyboard
C.  Touch Screen
D.  Mouse

4.The Input device that is closely related to a touch screen is the
A.  Keyboard
B.  Light pen
C.  Scanned
D.  Joystick

5.A bus is a / an
A.  electronic track system
B.  part of register
C.  special memory
D.  part of a Cpu

6. In a disk, each block of data is written into
A. one sector
B. two sectors
C. three sectors
D. two or more sectors

7. A byte represents a group of
A. 10 bits
B. 40 bits
C. 8 bits
D. 22 bits

8. Which one of the following is a standard code used to exchange information among data processing and       communication system?

A. ANSI
B. ASCII
C. ACM
D. APL

9. A mouse is connected to

A. LPT1 port
B.  LPT2 port
C. The serial port
D.  none of these

10. Windows is

A. an operating system
B. an operating environment
C. a character user interface
D. none of these

Answer- 1-B, 2-C, 3-A, 4-B, 5-C, 6-D, 7-C, 8-B, 9-C, 10-B


Saturday, September 14, 2013

MS word Objective Question

1. Which of the following is not valid version of MS Office?

 A) Office XP
 B) Office Vista
 C) Office 2007
 D) None of above


2. You cannot close MS Word application by

 A) Choosing File menu then Exit submenu
 B) Press Alt+F4
 C) Click X button on title bar
 D) From File menu choose Close submenu


3. The key F12 opens a

 A) Save As dialog box
 B) Open dialog box
 C) Save dialog box
 D) Close dialog box


4. What is the short cut key to open the Open dialog box?

 A) F12
 B) Shift F12
 C) Alt + F12
 D) Ctrl + F12


5. A feature of MS Word that saves the document automatically after certain interval is available on

 A) Save tab on Options dialog box
 B) Save As dialog box
 C) Both of above
 D) None of above


6. Where can you find the horizontal split bar on MS Word screen?

 A) On the left of horizontal scroll bar
 B) On the right of horizontal scroll bar
 C) On the top of vertical scroll bar
 D) On the bottom of vertical scroll bar


7. Which of the following is not available on the Ruler of MS Word screen?

 A) Tab stop box
 B) Left Indent
 C) Right Indent
 D) Center Indent
 E) All of them are available on ruler


8. What is place to the left of horizontal scroll bar?

 A) Tab stop buttons
 B) View buttons
 C) Split buttons
 D) Indicators
 E) None of above


9. Which file starts MS Word?

 A) Winword.exe
 B) Word.exe
 C) Msword.exe
 D) Word2003.exe


10. How many ways you can save a document?

 A) 3
 B) 4
 C) 5
 D) 6


11. If you want to keep track of different editions of a document which features will you use?

 A) Editions
 B) Versions
 C) Track Change
 D) All of above


12. Background color or effects applied on a document is not visible in

 A) Web layout view
 B) Print Layout view
 C) Reading View
 D) Print Preview


13. What is a portion of a document in which you set certain page formatting options?

 A) Page
 B) Document
 C) Section
 D) Page Setup


14. Borders can be applied to

 A) Cells
 B) Paragraph
 C) Text
 D) All of above


15. Which of the following is not a type of page margin?

 A) Left
 B) Right
 C) Center
 D) Top


16. What is the default left margin in Word 2003 document?

 A) 1"
 B) 1.25"
 C) 1.5"
 D) 2"


17. What is gutter margin?

 A) Margin that is added to the left margin when printing
 B) Margin that is added to right margin when printing
 C) Margin that is added to the binding side of page when printing
 D) Margin that is added to the outside of the page when printing


18. Portrait and Landscape are

 A) Page Orientation
 B) Paper Size
 C) Page Layout
 D) All of above


19. If you need to change the typeface of a document, which menu will you choose?

 A) Edit
 B) View
 C) Format
 D) Tools


20. Which of the following is not a font style?

 A) Bold
 B) Italics
 C) Regular
 D) Superscript


Answers:-
1-B, 2-D, 3-A, 4-D, 5-A, 6-C, 7-D, 8-B, 9-A, 10-A, 11-B, 12-D, 13-C, 14-D, 15-C, 16-B, 17-C, 18-A, 19-C, 20-D,